परिचय
यदि आप यहाँ तक पहुँचे हैं, तो यह कोई संयोग नहीं है। यह आपकी आत्मा की पुकार है और हमारे साथ जुड़ने का प्रथम स्वर्णिम चरण है। हमारे मार्गदर्शन में अब तक हजारों साधक दीक्षा लेकर अपने जीवन को पूर्णतः बदल चुके हैं, मानसिक अशांति से मुक्ति पा चुके हैं और अपनी गुप्त आंतरिक शक्तियों को जाग्रत कर चुके हैं। अब अगली बारी आपकी है।
यह कोई सामान्य दीक्षा नहीं है, बल्कि यह सीधे गुरु-तत्त्व का आपकी चेतना में संचार है। जो साधक सच्चे हृदय से आते हैं, उन्हें हम कभी खाली हाथ नहीं लौटाते।
दीक्षा पैकेज एवं विकल्प
साधकों की सुविधा और दीक्षा की तैयारी के अनुसार तीन विशेष विकल्प उपलब्ध हैं। आप अपनी इच्छानुसार किसी भी एक विकल्प का चुनाव कर सकते हैं:
विकल्प 1: गुरु दीक्षा
दक्षिणा: 2,100 रुपये
विवरण: इसमें आपको चैतन्य गुरु मंत्र, दीक्षा का पूर्ण विधान और साधना का प्रारंभिक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
विकल्प 2: गुरु दीक्षा एवं सिद्ध माला
दक्षिणा: 3,100 रुपये
विवरण: गुरु दीक्षा के साथ-साथ आपको ट्रस्ट द्वारा विशेष मुहूर्तों में सिद्ध और प्राण-प्रतिष्ठित की गई साधना माला प्रदान की जाएगी, जो मंत्र शक्ति को तेजी से संचित करती है।
विकल्प 3: गुरु दीक्षा एवं पूर्ण सिद्ध दीक्षा सामग्री
दक्षिणा: 5,100 रुपये
विवरण: यह सबसे उत्तम और अनुशंसित विकल्प है। इसमें दीक्षा के साथ आपको संपूर्ण साधना किट भेजी जाएगी, जिसमें शामिल हैं: विशिष्ट आसन, सिद्ध माला, गोमुखी, तिलक सामग्री, और सुरक्षा के लिए विशेष भैरव कड़ा।
प्रथम चरण: दीक्षा हेतु आवेदन
यह दीक्षा केवल योग्य एवं सच्चे हृदय वाले साधकों के लिए है। आवेदन करते समय आपको निम्नलिखित विवरण और कुछ गोपनीय एवं गंभीर प्रश्नों के उत्तर देने होंगे:
अनिवार्य विवरण:
- आपका पूरा नाम जो आपकी जन्मपत्रिका या आधिकारिक दस्तावेजों में हो
गोपनीय प्रश्न:
- आपकी आध्यात्मिक यात्रा अब तक कैसी रही? आपको किन साधनाओं का पूर्व अनुभव है?
- इस समय आपके जीवन में सबसे बड़ी बाधा या इच्छा क्या है, जिसे आप दूर करना चाहते हैं?
- गुरु और गुरु-मंत्र के प्रति आपकी श्रद्धा का स्तर कितना गहरा है?
- क्या आप पूर्ण समर्पण के साथ गुरु-आज्ञाओं का पालन करने को तत्पर हैं?
- दीक्षा लेकर आप अपने जीवन का अंतिम लक्ष्य क्या रखते हैं - सिद्धि, मुक्ति या दोनों?
नोट: ये प्रश्न आपकी आत्मा की गहराई और पात्रता को मापने के लिए हैं। हमारी टीम द्वारा आपके आवेदन की समीक्षा की जाएगी। चयन के पश्चात ही आपका दीक्षा क्रम आरंभ होगा।
चयन के पश्चात: दीक्षा एवं शुद्धिकरण महाविधान
- दिव्य शुद्धिकरण
दिन 1 से 3
प्रथम तीन दिन आपको प्रतिदिन नमक के जल से विशेष स्नान करना होगा। इसके साथ ही शरीर, मन और प्राण के पूर्ण शुद्धिकरण के लिए एक विशेष मंत्र का जप कराया जाएगा। यह आपके भीतर सदियों से संचित आवरण और नकारात्मकता को हटा देगा।
- ऑनलाइन गुरु दीक्षा महाविधान
दिन 4
चौथे दिन विशेष मुहूर्त में सीधा गुरु-कृपा का संचार होगा। आपको ऑनलाइन माध्यम से लाइव दीक्षा दी जाएगी, जहाँ आपकी चेतना को जाग्रत करने वाला चैतन्य गुरु मंत्र प्रदान किया जाएगा। इससे आपकी कुंडलिनी का प्रथम स्पंदन शुरू होगा।
नोट: जो साधक व्यक्तिगत रूप से आकर दीक्षा लेना चाहते हैं, उनके लिए विधान और व्यवस्था अलग रहेगी।
दीक्षा के पश्चात आपकी स्वर्णिम साधना यात्रा
दीक्षा प्राप्त करने के बाद आपकी साधना यात्रा को अत्यंत सरल, क्रमबद्ध और शक्तिशाली तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा:
- गुरु मंत्र जप 41 दिन: गुरु तत्त्व आपमें स्थापित होगा। आप स्वयं अनुभव करेंगे कि गुरु की चेतना आपके भीतर कार्य कर रही है।
- प्राणदोहन साधना 1 माह: आपके भीतर प्राण शक्ति का संचय होगा, जिससे पुराना रोग, थकान और अज्ञात भय दूर होंगे।
- इष्ट देवता निर्धारण एवं साधना 41 से 90 दिन: आपके जीवन का सच्चा इष्ट स्वयं जाग्रत होकर आपको अपनाएगा।
- श्री गणेश साधना 31 दिन: जीवन के सभी विघ्नों का नाश होगा और धन, वैभव व बुद्धि की प्राप्ति होगी।
- मां काली साधना 21 दिन: भीतरी एवं बाहरी शत्रुओं का संहार होगा और निर्भीकता का जागरण होगा।
- बाबा भैरव साधना 21 दिन: आपके चारों ओर एक अदृश्य रक्षा कवच बनेगा, तंत्र-मंत्र की बाधाएं दूर होंगी और विजय प्राप्त होगी।
इसके बाद आप अपनी पात्रता के अनुसार दो परम पवित्र मार्गों में से किसी एक को चुन सकेंगे:
- दस महाविद्या मार्ग: दिव्य शक्तियों का पूर्ण साम्राज्य और सिद्धियाँ
- अघोर मार्ग: मृत्यु पर विजय और परम मुक्ति का सीधा द्वार
हर चरण में आपको व्यक्तिगत मार्गदर्शन, ऑडियो-वीडियो विधान, एवं गुरु कृपा का सतत प्रवाह मिलता रहेगा। इस यात्रा में कोई भी साधक पीछे नहीं छूटता।
निर्णय आपका है… क्या आप तैयार हैं उस दिव्य जीवन को जीने के लिए जिसके लिए आपने जन्म लिया था?